भारतीय मरुस्थल Indian desert
भारतीय मरुस्थल का विस्तार अरावली की पहाड़ियों के उत्तर-पश्चिमी भाग में है। अति शुष्क दशाओं के प्रभाव के कारण भारतीय मरुस्थल में मिलने वाली स्थालाकृतियाँ भौतिक अपक्षय व पवन अपरदन द्वारा निर्मित होती है। रेतीली टील, छत्रक व मरु उद्यान यहाँ की प्रमुख स्थालाकृतियाँ है। भारत में इसे थार का मरुस्थल व पाकिस्तान में इसे चोलीस्थान का मरुस्थल कहा जाता है। इस मरुस्थल को टेथिस सागर का अवशेष माना जाता है। इसमें मरुदभेद जीरोफाइट की वनस्पति पाई जाती है। इस प्रदेश की प्रमुख नहर इंदिरा गॉधी नहर है तथा प्रमुख नदी लूनी नदी है। अरावली का वृष्टिछाया प्रदेश होने के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून यहाँ वर्षा नही करता है। पवन वायु के अपरदन से निर्मित बड़े-बडे़ गर्तो में जल भर जाता है तथा जल भर जाने के बाद वहाँ की भूमि से प्राप्त लवणता के कारण इनका जल खारा हो जाता है। इन्हे प्लाया कहते है इस प्रकार की स्थालाकृतियाँ इस प्रदेश में पाई जाती है।
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