भारतीय मानसून की उत्पत्ति : कारण, प्रक्रिया और ITCZ की भूमिका
भारतीय मानसून की उत्पत्ति कारण, प्रक्रिया और ITCZ की भूमिका मानसून एक द्वितीयक संचरण है जो उत्तर दक्षिण व्यापारिक पवनों के उष्मा गतिकिय परिवर्तन के कारण ग्रीष्मकाल में दक्षिण पश्चिम दिशा से शीतकाल में उत्तर पूर्व दिशा से संचारित होता है। इसका सम्बंध सूर्य के उत्तरायण एवं दक्षिणायन से है इस दौरान पूर्वी व्यापारिक पवनों में 120° तक विक्षोप उत्पन्न होता है। तथा ITCZ (Inter Tropical Convergence Zone) का 25° उत्तरी अक्षांश तक विथापन होता है। दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्पत्ति सूर्य के उत्तरायण होने से तिब्बत के पठार पर Heat Zone का निर्माण होता है तथा वायु गर्म होकर 6 से 8 किलोमीटर की ऊँचाई तक उढ़ती है। तथा प्रतिचक्रवातीय बाहृय प्रवाह के रुप में उत्पन्न होता है। जिसकी एक शाखा पूर्वी जेट के रुप में कोरियोलिस बल के प्रभाव से विध्ययन पर्वत श्रृंखला के समान्तर स्थापित होता है जो आगेेे उत्तरी सयाद्री से होकर सोमालिया तट के निकट अवतलित होता है तथा उच्चदाब का निर्माण होता है। सूर्य के उत्तरायण से ITCZ भी 25° पर स्थापित होता है ये ITCZ निम्नद...